जो चाहे पा जाएगा तू,
1% में आ जायेगा तो,
लड़ अपने सपनो के लिए दिन रात,
एक दिन दुनिया मे छा जाएगा तू।
ना सोच आसानी से मिल जाएगी मंज़िल,
डटे रह राह पे सब मिल जाएगा बस है थोड़ी सी मुश्किल,
लड़ अपने सपनो के लिए जब वो पार्टी रात करे,
कर के दिखा कुछ ऐसा के वो तेरे बारे में बात करे,
ना डर कठिनाइयों से सफलता की इस राह में,
तभी तो बेटा आएगा तु इस दुनिया की निगाह में,
जितना दर्द सहा तूने सबका पे-ऑफ पायेगा तू,
उस दिन फक्र होगा अपने आप पर जब लेम्बो में आफिस जाएगा तू,
ना करता ये सब तो बैठ के रोता किसी कोने में,
एक टाइम खाने के लिए दर-दर भटकता,नींद न आती सोने में,
सोच - सोच कर सिर पटकता ,
ना मज़ा आता जीने में,
पहले न थी कुछ खाने को, अब जो चाहे खा पायेगा तू,
दिल से खुशी होगी जब अपने दम पर हज़ारो को खिलायेगा तू,
कर मेहनत तू दिन-रात मिलेगा ऐसा मुकाम तुझे,
जब आएगा एवेंटाडोर से आवाम करेगा सलाम तुझे।
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